Israel US Iran War: इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच एक बड़ा दावा सामने आ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल ने एक अनुरोध पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाग़ेर ग़ालिबाफ़ को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया है। यानी ईरान अब इन दोनों नेताओं की हत्या नहीं करेगा।
अमेरिका से की गई थी अपील
वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले कहा गया है कि पाकिस्तान ने अमेरिका से इन दोनों नेताओं को निशाना न बनाने के लिए अपील की थी। कहा जा रहा है कि इजरायल के पास इन दोनों के कोऑर्डिनेट्स थे और वह उन्हें मार गिराने की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने दावे में कहा, “हमने अमेरिका से कहा कि अगर ये भी मारे गए तो बातचीत करने वाला कोई नहीं बचेगा, इसलिए अमेरिका ने इजरायल से पीछे हटने को कहा।”
स्थाई रूप से नहीं, सिर्फ 5 दिनों के लिए हटाया गया नाम
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि इन दोनों को अमेरिका-इजरायल की टारगेट लिस्ट से 4 से 5 दिनों के लिए हटाया गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि WSJ रिपोर्ट में पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र नहीं है। अराघची ईरान की अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे हैं और वे ईरान के सबसे अनुभवी कूटनीतिज्ञों में से एक हैं। ग़ालिबाफ़ को व्हाइट हाउस में कुछ लोग संभावित बातचीत साझेदार मानते हैं।
युद्ध में टॉप लीडरों की हत्याएं जारी
वर्तमान युद्ध शुरू होने के बाद इजरायल कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों को मार चुका है, जिनमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी शामिल हैं। ट्रंप ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “हमने उनके सारे लीडरशिप को मार दिया। फिर वे नए लीडर चुनने के लिए मिले और हमने उन्हें भी मार दिया। अब एक नया ग्रुप है, हम आसानी से यह कर सकते हैं, लेकिन देखते हैं कि वे कैसे व्यवहार करते हैं।” यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।